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ITPO: इंटरनेशनल हार्डवेयर फेयर की शुरुआत, चीन-अमेरिका और जर्मनी समेत 35 से अधिक देश कर रहे साझेदारी

भारत सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का बादशाह बन चुका है, लेकिन हार्डवेयर क्षेत्र में अभी भी उसे संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि उसे कृषि, परिवहन और एविएशन सेक्टर से जुड़े हार्डवेयर की चीजों के लिए में भी कठिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


 

इंटरनेशनल हार्डवेयर फेयर इंडिया 2024 की शुरुआत - फोटो : अमर उजाला

इंटरनेशनल हार्डवेयर फेयर इंडिया 2024 की आज दिल्ली के प्रगति मैदान में शुरुआत हो गई। इसमें चीन-अमेरिका और जर्मनी जैसे हार्डवेयर इंडस्ट्री में शीर्ष देशों के साथ-साथ दुनिया के 35 देश भी हिस्सा ले रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे होने वाले तकनीकी समझौतों से भारत को हार्डवेयर सेक्टर में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी। इस समय किचन से लेकर कृषि और कंप्यूटर तक हर क्षेत्र में हार्डवेयर के लिए देश को चीन सहित दुनिया के तमाम देशों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। लेकिन इस तरह के प्रयासों से देश जल्द ही हार्डवेयर सेक्टर में भी मजबूत स्थिति हासिल करने में सफल रहेगा।
 
सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का बादशाह बना भारत

दरअसल, भारत सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का बादशाह बन चुका है, लेकिन हार्डवेयर क्षेत्र में अभी भी उसे संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि उसे कृषि, परिवहन और एविएशन सेक्टर से जुड़े हार्डवेयर की चीजों के लिए में भी कठिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का दावा है कि भारत हार्डवेयर सेक्टर में भी तेजी से उभर रहा है और जल्द ही यह चीन सहित हार्डवेयर सेक्टर में बड़े देशों को चुनौती देने में सक्षम होगा।
 
देश का हार्डवेयर बाजार 

ईसेनवारेनमैस्से द्वारा पावर्ड इंटरनेशनल हार्डवेयर फेयर इंडिया के दूसरे संस्करण के उद्घाटन मौके पर कोलनमैस्से के एमडी मिलिंद दीक्षित ने कहा कि  देश का फर्नीचर हार्डवेयर मार्केट 2024 से 2029 के बीच 15.49 फीसदी की दर से बढ़ेगा। यह 2024 में 3.04 बिलियन डॉलर पर है, जो 2029 तक 6.26 बिलियन डॉलर पर पहुंच जाएगा। ऐसे में इस सेक्टर में विकास की अपार संभावनाएं हैं। 

उन्होंने कहा कि भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्रांड बहुत सफल हो रहे हैं। यहां तक कि घरेलू किचन से लेकर ड्राइंग रूम में इस्तेमाल होने वाला फर्नीचर भी विदेशी कंपनियां बेच रही हैं। केंद्र सरकार की योजना है कि भारतीय कंपनियों को बेहतर तकनीकी देकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की तुलना में खड़ा किया जाए। माना जा रहा है कि इस हार्डवेयर फेयर से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

तेज बढ़ोतरी का अनुमान

डॉ अजय सहाय (डायरेक्टर जनरल एवंसीईओ, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ओर्गेनाइज़ेशन) ने कहा कि भारत रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ निर्यात में तेज़ी से विकास की ओर अग्रसर है। हमारा निर्यात 478 बिलियन डॉलर से बढ़कर 778 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। इसमें 8 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी हुई है। हमने 14 फीसदी सीएजीआर के साथ विकसित होने का लक्ष्य रखा है। 

Press Coverage By:Amarujala.com